Friday, April 14, 2017

रसटक्स homeopathy ruscus


स्नायुमंडल या कहीं की संधि यदि आकान्त हो।
करवट बदल रोगी दिखाता हो अगर कुछ शान्त हो।।
टाइफाइड की दशा में आंत जब आक्रान्त हो।
अंग बाॅंया ही अगर दुःख दर्द से अति क्रान्त हो।।
नम हवा के वेग से जब चित्त में अति भ्रांति हो।
मांसपेशी और श्लेष्मिक झिल्लियों में क्रान्ति हो।।
बेचैन अति उत्ताप हो या दर्द का आधिक्य हो।
‘रसटक्स‘ के व्यवहार से श्रम कष्ट तब भी शान्त हो।।

आर्स एल्ब ARSENICUM ALBUM - HOMOEOPATHIC

जीवन की जगावे ज्योति, प्यास, शोथ, श्वास टाले।
अन्तिम बेचैनी से प्राण को बचाता है।।
बार-बार करवट की चाह होती रोगी को।
करवट बदले में विवशता दिखाता है।।
चित्त सो न सकता क्योंकि श्वास कष्ट बढने लगे।
आधी रात आयी मृत्यु योग ही जनाता है।।
रोग होवे कोई अन्त जीवन की ज्योति जागे।
केवल ’’आर्स’’ ही तो अन्त काल काम आता है।।

Sunday, June 28, 2015

बेलाडोना – होमियो गीतावली – होमियोपैथिक

बेलाडोना – होमियो गीतावली – होमियोपैथिक 

अकड़न तथा भटकन रहे स्‍पंदन कहीं होता रहे।
या अचानक दर्द होकर फिर चला जाता रहे।।
तन ढांकन पर ही अगर आराम होता हो कहीं।
ढँक जाय कोई अंग तो होता पसीना हो वहीं।।
ज्‍वर भोग से या धूप से उत्‍प्‍त रोगी हो जहॉं।
दर्द, सूजन, लालिमा, प्रत्‍यक्ष दिखलाये वहॉं।।
ताप अरू उद्विग्‍न्‍ता के साथ यदि उन्‍माद हो।
”बेलाडोना” को दिये तत्‍काल ही आन्‍नद हो।।

एकोनाइट - होमियो गीतावली

एकोनाइट - होमियो गीतावली

स्वस्थ हो कोई न पहिले क्लेश का लवमात्र हो।
शीघ्र ही भयभीत होकर अगर पीडित गात्र हो।।

रक्त संचय हो अचानक बढ गया दुख द्वन्द्व हो।
किसी विधि से तनिक भी मिलता नहीं आनन्द हो।।

शीत या ठंडी हवा लग रोग पैदा कर दिया।
रक्त संचालन क्रिया में विध्न पैदा कर दिया।।

दर्द, बेचैनी बढें, ज्वर, प्यास, ज्वाला देखिए।
मृत्युभय अनुमान हो तब ‘‘एकोनाइट‘‘ दीजिए।।