स्नायुमंडल या कहीं की संधि यदि आकान्त हो।
करवट बदल रोगी दिखाता हो अगर कुछ शान्त हो।।
टाइफाइड की दशा में आंत जब आक्रान्त हो।
अंग बाॅंया ही अगर दुःख दर्द से अति क्रान्त हो।।
नम हवा के वेग से जब चित्त में अति भ्रांति हो।
मांसपेशी और श्लेष्मिक झिल्लियों में क्रान्ति हो।।
बेचैन अति उत्ताप हो या दर्द का आधिक्य हो।
‘रसटक्स‘ के व्यवहार से श्रम कष्ट तब भी शान्त हो।।
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